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Acharya Shri Umaswati
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सरागसंयमसंयमासंयमाकामनिर्जराबालतपांसि दैवस्य ॥२०॥
सुत्रार्थ- सरागसंयम, संयमासंयम, अकामनिर्जरा और बालतप – ये देवायु के आस्रव हैं ॥२०॥




भावार्थ

अर्थ: सरागसंयम, संयमासंयम, अकाम निर्जरा और बाल तप, ये देवायु के आस्रव के कारण हैं। राग पूर्वक संयम के पालने को सराग संयम कहते हैं। त्रस हिंसा का त्याग करने और स्थावर हिंसा के त्याग न करने को संयमासंयम करते हैं। पराधीनता वश जेलखाने वगैरह में इच्छा न होते हुए भि भूख प्यास वगैरह के कष्ट को शांतिपूर्वक सहना अकाम निर्जरा है। आत्म ज्ञान तप को बाल तप कहते है वह है। इन्हें देवायु का आस्रव होता है ॥२०॥
Reference: Tatvartha-Sutra-Pradeep-Bhaiya-Piyush-तत्वार्थसूत्रबाब्रप्रदीप_पियूष.pdf

English Meaning:

Restraint-with-attachment (sarāgasamyama), restraint- cum-non-restraint (samyamāsamyama), involuntary- dissociation (akāmanirjarā) and childish-austerities (bālatapa) cause the influx (āsrava) of life-karma (āyuh) leading to birth as a celestial-being (deva).
Reference: Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain


Questions and Answers: शङ्का -समाधान

समाधान: जो जीव सम्यग्दृष्टि है, वह केवल सम्यक्त्व से एवं अणुव्रत-महाव्रतों से देवायु को बाँधता है। तथा जो मिथ्यादृष्टि है वह अज्ञान रूप अणुव्रत-महाव्रतों से तथा बालतप, अकामनिर्जरा से देवायु को बाँधता है। अकामनिर्जरा, बाल तप, मन्द कषाय, समीचीन धर्म का सुनना, दान देना, देव, गुरु, धर्म एवं उनके सेवक इन आयतनों की सेवा करना सराग-संयम, देश संयम और सम्यक्त्व से सब देव-आयु के प्रत्यय हैं।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-२-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf

उत्तर: चारक (कारागार) में रोक रखने पर या रस्सी आदि से बाँधे रखने पर जो भुख-प्यास सहनी पड़ती है, ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है, भूमि पर सोना पड़ता है, मल-मूत्र रोकना तथा संताप आदि होते हैं, ये सब अकाम हैं और अकाम से जो निर्जरा होती है वह अकामनिर्जरा है। अपने अभिप्राय से न की गयी भी विषयों की निवृत्ति (त्याग) परतन्त्रता के कारण भोग-उपभोग का निरोध होने पर उसे शांति से सहन करना अकामनिर्जरा है।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-२-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf



Creative Credits:
Shashank Shaha created this page on 03 March 2026.

Courtesy:
We are thankful to Sandesh Shah and Family -Pune (Uptech Engg) for sponsoring Tatvarthasutra Digitalization project



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