01- Tatvartha Sutra – Chapter 9 – Sutra 28
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – आर्तरौद्रधर्म्यशुक्लानि ॥२८॥सूत्रार्थ– आर्त, रौद्र, धर्म्य और शुक्ल- ये ध्यान के…
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – आर्तरौद्रधर्म्यशुक्लानि ॥२८॥सूत्रार्थ– आर्त, रौद्र, धर्म्य और शुक्ल- ये ध्यान के…
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – उत्तमसंहननस्यैकाग्रचिन्तानिरोधो ध्यानमान्तर्मुहूर्तात् ॥२७॥सूत्रार्थ– उत्तम संहननवाले का एक विषय में चिन्तावृत्ति…
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – बाह्याभ्यन्तरोपध्यो ।।२६।।सूत्रार्थ– बाह्य और अभ्यन्तर उपधि का त्याग- यह दो…
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – वाचनापृच्छनानुप्रेक्षाऽम्नायधर्मोपदेशाः ॥२५॥ सूत्रार्थ – वाचना, पृच्छना, अनुप्रेक्षा, आम्नाय और धर्मोपदेश –…
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – आचार्योपाध्यायतपस्विशैक्षग्लानगणकुलसंघसाधुमनोज्ञानाम्॥२४॥सूत्रार्थ– आचार्य, उपाध्याय, तपस्वी, शैक्ष, ग्लान, गण, कुल, संघ, साधु…
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – ज्ञान-दर्शन- चरित्रोपचाराः ॥२३॥सूत्रार्थ– ज्ञानविनय, दर्शनविनय, चारित्रविनय और उपचारविनय- ये चार…
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – आलोचनप्रतिक्रमणतदुभयविवेकव्युत्सर्गतपश्छेद-परिहारोपस्थापनाः ॥२२॥सूत्रार्थ– आलोचना, प्रतिक्रमण, तदुभय, विवेक, व्युत्सर्ग, तप, छेद, परिहार…
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – नवचतुर्दशपञ्चद्विभेदा यथाक्रमं प्राग्ध्यानात् ॥२१॥सूत्रार्थ– ध्यान से पूर्व के आभ्यन्तर तपों…
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – प्रायश्चित्तविनयवैयावृत्त्यस्वाध्यायव्युत्सर्गध्यानान्युत्तरम् ॥२०॥सूत्रार्थ – प्रायश्चित, विनय, वैयावृत्य, स्वाध्याय, व्युत्सर्ग और ध्यान…
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – अनशनावमौदर्यवृत्तिपरिसंख्यानरसपरित्यागविविक्तशय्यासन-कायक्लेशाः बाह्यं तपः ॥१९॥सूत्रार्थ– अनशन, अवमौदर्य, वृत्तिपरिसंख्यान, रसपरित्याग, विविक्तशय्यासन और…