
Acharya Shri Umaswati
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सद्वेदयशुभायुर्नामगोत्राणि पुण्यम् ॥२५॥
सूत्रार्थ– साता वेदनीय, शुभ आयु, शुभ नाम और शुभ गोत्र- ये प्रकृतियाँ पुण्यरूप हैं ॥२५॥


भावार्थ
अर्थ : साता वेदनीय, तिर्यग्गायु, मनुष्यायु और देवायु तीन आयु, एक उच्च गोत्र और नाम कर्म की सैतीस प्रकृतियाँ, ये बयालीस पुण्य प्रकृतियाँ हैं। नाम कर्म की सैतीस प्रकृतियाँ इस प्रकार है- मनुष्य गति, देव गति, पंचेद्रिय जाति, पांच शरीर, तीन अंगोपांग, समचतुरस संस्थान, वज्र वृषभनाराच संहनन, प्रशस्त, वर्ण, गंध, रस और स्पर्श, मनुष्य गत्यनुपूर्वी, देव गत्यनुपूर्वी, अगुरुलघु परघात, उच्छवास, आतप, उद्योत, प्रशस्त विहायोगति, त्रस, बादर, पर्याप्त, प्रत्येक शरीर, स्थिर, शुभ, सुभग, सुस्वर, आदेय, यशःकीर्ती, निर्माण और तीर्थंकर, ये सब पुण्य प्रकृतियाँ हैं ॥२५॥
Reference: Tatvartha-Sutra-Pradeep-Bhaiya-Piyush-तत्वार्थसूत्रबाब्रप्रदीप_पियूष.pdf
English Meaning:
The auspicious varieties of the feeling-producing -sātāvedanīya, life-determining – śubha āyuh, physique-making – śubha nāma, and status-determining – śubha gotra, karmas constitute merit (punya).
Reference: Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain
Questions and Answers: शङ्का -समाधान
समाधान: सातावेदनीय, तिर्यंचायु, मनुष्यायु और देवायु तथा नाम कर्म की-मनुष्यगति- देवगति, पंचेन्द्रिय जाति, पाँच शरीर, तीन अंगोपांग, समचतुरस्र-संस्थान, वज्र-वृषभनाराचसंहनन, प्रशस्त वर्ण- रस-गंध-स्पर्श, मनुष्य एवं देव गत्यनुपूर्वी, अगुरुलघु, पराघात, उच्छ्वास, आतप, उद्योत, प्रशस्त विहायोगति, रस, बादर, पर्याप्ति, प्रत्येक शरीर, स्थिर, शुभ, सुभग, सुस्वर, आदेय, यशःकीर्ति, निर्माण एवं तीर्थंकर तथा गोत्र कर्म में से उच्च गोत्र ये बयालीस प्रकृतियाँ शुभ हैं।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-२-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf
उत्तर : यद्यपि तिर्यंचगति अशुभ है और तिर्यंचायु शुभ है क्योंकि तिर्यंच गति में कोई जाना नहीं चाहता है, परन्तु तिर्यंचगति में पहुंच जाने पर वहाँ से निकलना कोई नहीं चाहता है अतः आयु पुण्य प्रकृति है और तिर्यंचगति अशुभ है।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-२-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf
- Tatvarthsutra-in-Charts-&-Table-तत्वार्थसूत्र-_Smt-Pooja-Prakash-Chabda –Link
- Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain
- Tatvartha-Sutra-Pradeep-Bhaiya-Piyush-तत्वार्थसूत्र बा.ब्र.प्रदीप पियूष– Link to book
- TatvarthaSutra_KailashChand_Shastri_तत्वार्थसूत्र पंडित कैलाशचंद्र शास्त्री
- Tatvarth-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Acharya-Shri-Vasunandiji
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Shashank Shaha created this page on 8-Mar-2026
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