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Acharya Shri Umaswati
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Sutra
अणवः स्कन्धाश्च ॥ २५ ॥
Meaning
पुद्गल के दो भेद हैं- अणु और स्कन्ध । अणु – जिसका दूसरा भाग नहीं हो सकता, उस अविभागी एकप्रदेशी पुद्गलद्रव्य को अणु या परमाणु कहते हैं। स्कन्ध – दो, तीन, संख्यात तथा अनन्त परमाणुओं के पिण्ड (समूह) को स्कन्ध कहते हैं॥ २५ ॥

भावार्थ

पुद्गल बहुत तरह के होते हैं किन्तु वे सब दो जाति के होते हैं । अतः अणु और स्कन्ध में उन सभी का अन्तर्भाव हो जाता है। ऊपर कहे हुए बीस गुणों में से एक परमाणु में कोई एक रस, एक गन्ध, एक वर्ण और शीत ऊष्ण से एक तथा स्निग्ध रूक्ष में से एक इस तरह दो स्पर्श रहते हैं। ऊपर जो शब्दादि गिनाए हैं वे सब स्कन्ध हैं। स्कन्धों में अनेक रस, अनेक रूप वगैरह पाए जाते हैं ।। २५ ।।Reference:TatvarthaSutra_KailashChand_Shastri_तत्वार्थसूत्र पंडित कैलाशचंद्र शास्त्री

English Meaning:

The atoms (anu) and the molecules ( skandha ) are the two divisions of the matter (pudgala). Reference:Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain


पुद्गल के अन्य प्रकार से भेद
सूक्ष्म-सूक्ष्मसूक्ष्मसूक्ष्म-स्थूलस्थूल-सूक्ष्मस्थूलस्थूल-स्थूल
स्व-रूपस्कंध अवस्था से रहितइन्द्रियों से ग्रहण न होनेत्र के सिवाय शेष इन्द्रियों से ग्रहण होनेत्र से दिखे पर पकड़ में न आएद्रव पदार्थठोस पदार्थ
दृष्टांतपरमाणुकर्माण वर्गणावायु, ध्वनिछाया, प्रकाशजल, तेललकड़ी, पत्थर

पुद्गल के भेद

flowchart TD

A["पुद्गल के भेद (जाति अपेक्षा)"]

A --> B["परमाणु (अणु)<br>• पुद्गल का सबसे छोटा टुकड़ा<br>• आदि, मध्य, अंत से रहित<br>• स्वाभाविक दशा"]

A --> C["स्कन्ध<br>(दो या दो से अधिक परमाणुओं का समूह)"]

C --> D["स्कन्ध<br>• सर्वांग में पूर्ण<br>• लम्बाई, चौड़ाई, मोटाई तीनों हो<br>• कम से कम – 8 परमाणु"]

C --> E["देश<br>• स्कन्ध का आधा<br>• लम्बाई, चौड़ाई हो<br>• कम से कम – 4 परमाणु"]

C --> F["प्रदेश<br>• देश का आधा<br>• सिर्फ लम्बाई हो<br>• कम से कम – 2 परमाणु"]

परमाणु में एक साथ

flowchart TB

A["परमाणु में एक साथ"]

A --> B["2 स्पर्श"]
A --> C["1 रस"]
A --> D["1 गंध"]
A --> E["1 वर्ण"]


B --> B1["शीत-उष्ण"]
B --> B2["स्निग्ध-रूक्ष के युगल में से एक-एक"]

C --> C1["5 में से कोई 1"]

D --> D1["2 में से 1"]

E --> E1["5 में से 1"]



स्कंध में एक साथ रूपादि की 20 पर्यायें हो सकती हैं

Questions and Answers: शङ्का -समाधान

Answer परमाणु अस्तिकाय है, अतीन्द्रिय है, स्पर्शादि पाँच गुणों से युक्त है। परमाणु अविभागी है, एकप्रदेशी होने से एक है, नित्य है, मूर्त्तिप्रभव है तथा अशब्द है।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्त्वार्थ-मंजूषा-खंड-2-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf

Answer परमाणु में दो ही स्पर्श गुण होते हैं। यह स्वभाव ही है और स्वभाव तर्क का विषय नहीं है। अथवा आगम में ऐसा ही उपदेश है और ‘आगम तर्कगोचर नहीं होता’ ऐसा उपदेश है।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्त्वार्थ-मंजूषा-खंड-2-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf



Creative Credits:
Diksha Jain created this page on 12-feb-2026

Courtesy:
We are thankful to Sandesh Shah and Family -Pune (Uptech Engg) for sponsoring Tatvarthasutra Digitalization project



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