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Acharya Shri Umaswati
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विग्रहवती च संसारिणः प्राक्चतुर्भ्यः ।।२८।।
सूत्रार्थ – संसारी जीव की गति विग्रहरहित और विग्रहवाली होती है। उसमें विग्रहवाली गति चार समय से पहले अर्थात् तीन समय तक होती है ।।२८।।

भावार्थ

अर्थ- संसारी जीव की गति चार समय से पहले मोड़े सहित होती है। अर्थात् संसारी जीव जब नया शरीर धारण करने के लिए गमन करता है तो श्रेणी के अनुसार ही गमन करता है। किंतु यदि मरण स्थान से लेकर जन्म स्थान तक जाने के लिए सीधी श्रेणी नहीं होती तो स्थान के अनुसार एक, दो या तीन मोड़ लेता है। प्रत्येक मोड़ में एक समय लगता है। अतः एक मोड़े वाली गति में दूसरे समय में जन्म स्थान पर पहुँचता है, दो मोड़े वाली गति में तीसरे समय में और तीन मोड़े वाली गति में चौथे समय में अपने जन्म स्थान पर पहुँच जाता है। सूत्र में आए ‘च’ शब्द से यह अर्थ लेना चाहिए कि संसारी जीव की गति बिना मोड़े वाली भी होती है ।।२८।।
Reference: Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji

English Meaning:

The movement of the transmigrating souls is with bend also prior to the fourth instant.
Reference: Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain


Questions and Answers: शङ्का -समाधान

समाधान: सूत्र में ‘प्राक्’ पद (काल की) मर्यादा निश्चित करने के लिए दिया है। चार समय से पहले मोड़े वाली गति होती है, चौथे समय में नहीं, यह इसका तात्पर्य है।
Reference: Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji

उत्तर: निष्कुट (कोने वाला टेढ़ा-मेढ़ा) क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले, दूसरे निकृष्ट क्षेत्र में स्थित जीव को सबसे अधिक मोड़े लेने पड़ते हैं क्योंकि वहाँ आनुपूर्वी में अनुश्रेणी का अभाव होने के कारण इषुगति नहीं हो पाती है। अतः वह जीव निष्कुट क्षेत्र को प्राप्त करने के लिए तीन मोड़े वाली गति का प्रारम्भ करता है। यहाँ इससे अधिक मोड़े की आवश्यकता नहीं पड़ती है क्योंकि इस प्रकार का कोई उपपाद क्षेत्र नहीं पाया जाता है इसलिए मोड़े वाली गति तीन समय तक ही होती है चौथे समय में नहीं।
Reference: Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji



Creative Credits:
Shashank Shaha created this page on – 5 February 2026.

Courtesy:
We are thankful to Sandesh Shah and Family -Pune (Uptech Engg) for sponsoring Tatvarthasutra Digitalization project



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