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Acharya Shri Umaswati
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तथोत्तराः ॥३०॥
सूत्रार्थ– उत्तर के क्षेत्रों के मनुष्यों और तिर्यञ्चों की आयु हैमवत आदि क्षेत्रों के मनुष्यों वा तिर्यञ्चों के समान होती है॥३०॥

भावार्थ

अर्थ: दक्षिण जम्बूद्वीप के क्षेत्रों की जैसी स्थिति है वैसी ही उत्तर जम्बूद्वीप के क्षेत्रों की जाननी चाहिए। अर्थात् हैरण्यवत क्षेत्र के मनुष्यों की स्थिति हैमवत क्षेत्र के मनुष्यों के समान है। रम्यक क्षेत्र के मनुष्यों की स्थिति हरिवर्ष क्षेत्र के मनुष्यों के समान है। और उत्तर कुरु के मनुष्यों की स्थिति देवकुरु के मनुष्यों के समान है।।३०।।
Reference: Tatvartha-Sutra-Pradeep-Bhaiya-Piyush-तत्वार्थसूत्रबाब्रप्रदीप_पियूष.pdf

English Meaning:

The condition in the north is the same as in the south.
Reference:Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain


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Questions and Answers: शङ्का -समाधान

समाधान: हैरण्यवत क्षेत्र के मानवों की आयु, वर्ण, शरीर की ऊँचाई आदि हैमवत क्षेत्र के मनुष्यों के समान है। रम्यक क्षेत्रों के मानवों की आयु आदि हरिक्षेत्र के मनुष्यों के समान है। उत्तरकुरु क्षेत्र के मनुष्यों की आयु आदि देवकुरु के मनुष्यों की आयु आदि के समान है।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji

उत्तर : उत्तर में मनुष्यों की स्थिति कैसी है ? ऐसा पूछने पर यह सूत्र कहा गया है ?
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji



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Diksha Jain created this page on 8-feb-2026

Courtesy:
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