
Acharya Shri Umaswati
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स गुप्तिसमितिधर्मानुप्रेक्षापरीषहजयचारित्रैः ॥२॥
सूत्रार्थ– वह संवर गुप्ति, समिति, धर्म, अनुप्रेक्षा, परीषहजय और चारित्र से होता है ॥२॥


भावार्थ
अर्थ : वह संवर गुप्ति, समिति, धर्म, अनुप्रेक्षा, परीषह जय और चारित्र से होता है। संसार के कारणों से आत्मा की रक्षा करना गुप्ति है। प्राणियों को कष्ट न पहुँचे इस भावना से यत्नाचारपूर्वक प्रवृत्ति करना समिति है। जो जीव को उसके इष्ट स्थान में धरता है वह धर्म है। संसार शरीर वगैरह का स्वरूप बार-बार विचारना अनुप्रेक्षा है। भूख प्यास वगैरह का कष्ट होने पर उस कष्ट को शांतिपूर्वक सहन करना परीषहजय है। संसार भ्रमण से बचने के लिए, जिन क्रियाओं से कर्म बंध होता है उन क्रियाओं को छोड़ देना चारित्र है। ॥२॥
Reference: Tatvartha-Sutra-Pradeep-Bhaiya-Piyush-तत्वार्थसूत्रबाब्रप्रदीप_पियूष.pdf
English Meaning:
Stoppage (samvara) is affected by control – gupti, carefulness – samiti, virtue – dharma, contemplation – anupreksā, conquest by endurance – parīsahajaya, and conduct – cāritra.
Reference: Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain
Questions and Answers: शङ्का -समाधान
समाधान: दोषों से व्रतों का गोपन, रक्षा करना गुप्ति मानी जाती है। संसार के कारणों से आत्मा के गोपन वा रक्षा करना गुप्ति कहने योग्य है। यहाँ भाव में क्ती प्रत्यय होकर स्त्रीलिंग में गुप्ती शब्द बना है, जिससे गोपन हो वह गुप्ति है, यह उपादान साधन अथवा जो रक्षण का करे गुप्ति यह कर्तुसाधन भी गुप्ति शब्द है। जिसके द्वारा सम्यग्दर्शन, ज्ञान, चारित्र गोपित किये जाते हैं, रक्षित किये जाते हैं। वे गुप्तियाँ हैं। अथवा जिनके द्वारा मिथ्यात्व, असंयम और कषायों से आत्मा गोपित होती है, रक्षा होती है वे गुप्तियाँ हैं। जैसे खेत की रक्षा के लिए बाड़ है और नगर की रक्षा के लिए खाई अथवा परकोटा है उसी प्रकार से जो अशुभ कर्म को रोकता है या संवृत होता है वही संयत की गुप्तियाँ हैं।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-२-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf
उत्तर : जो सही जाय वे परीषह हैं, परि उपसर्ग पूर्वक ‘सह’ धातु के कर्म अर्थ में अकार प्रत्यय होकर ‘परीषह’ शब्द की निष्पत्ति होती है। परीषह को जीतना परीषहजय है।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-२-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf
- Tatvarthsutra-in-Charts-&-Table-तत्वार्थसूत्र-_Smt-Pooja-Prakash-Chabda –Link
- Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain
- Tatvartha-Sutra-Pradeep-Bhaiya-Piyush-तत्वार्थसूत्र बा.ब्र.प्रदीप पियूष– Link to book
- TatvarthaSutra_KailashChand_Shastri_तत्वार्थसूत्र पंडित कैलाशचंद्र शास्त्री
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- Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji
Creative Credits:
Shashank Shaha created this page on 9-Mar-2026
Courtesy:
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