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Acharya Shri Umaswati
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हेमार्जुनतपनीयवैडूर्य्य रजतहेममयाः।।१२।।
सूत्रार्थ– ये छहों पर्वत क्रम से सोना, चाँदी, तपाया हुआ सोना, वैडूर्यमणि, चाँदी और सोना इनके समान रंगवाले हैं।


भावार्थ

अर्थ: हिमवान् पर्वत चीन देश की सिल्क की तरह पीतवर्ण है। महाहिमवान् चाँदी की तरह सफेद्र है। निषेध पर्वत तरुण सूर्य की तरह तपाए हुए सोने के समान रंग वाला है। नील पर्वत मोर के कंठ की तरह नीला है। रुक्मि पर्वत चाँदी की तरह सफेद है
Reference: Tatvartha-Sutra-Pradeep-Bhaiya-Piyush-तत्वार्थसूत्रबाब्रप्रदीप_पियूष.pdf

English Meaning:

The mountain chains are of these colours: gold (hema), white (arjuna), purified gold (tapanīya), blue-gem (vaidurya), silvery (rajata) and golden (hemamaya), respectively.
Reference: Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain


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Questions and Answers: शङ्का -समाधान

उत्तर :हिमवन् कुलाचल स्वर्ण के समान, महाहिमवन् कुलाचल चाँदी के समान, रुक्मि निषध कुलाचल तपाये स्वर्ण के समान, नील कुलाचल वैडूर्यमणी के समान, कुलाचल चाँदी के समान और शिखरी कुलाचल स्वर्ण के समान रंग (वर्ण) होते हैं।
Reference: Tatvartha-Sutra-Pradeep-Bhaiya-Piyush-तत्वार्थसूत्र बा.ब्र.प्रदीप पियूषLink to book

समाधान: कुलाचलों के वर्ण -हिमवन् पर्वत-हेम (सुवर्णमय) चीनी रेशम के समान । महाहिमवन् पर्वत-अर्जुनमय (चाँदी के समान) शुक्लवर्ण । निषेध पर्वत तपनीय – तपाये-हुए सोने के समान, उगते हुए बालसूर्य के वर्ण के समान नील पर्वत – वैडूर्यमय – मयूर कण्ठ के समान ।रुक्मिपर्वत – रजत-चाँदी के समान । शिखरी पर्वत – हेम चीनी रेशम के समान
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji



Creative Credits:
Diksha Jain created this page on – 5- feb-2026

Courtesy:
We are thankful to Sandesh Shah and Family -Pune (Uptech Engg) for sponsoring Tatvarthasutra Digitalization project



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