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Acharya Shri Umaswami
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मति: स्मृति: संज्ञा चिन्ताऽभिनिबोध इत्यनर्थान्तरम्।।१३।।
सूत्रार्थ – मति, स्मृति, संज्ञा, चिन्ता और अभिनिबोध – ये पर्यायवाची नाम हैं।।१३।।

भावार्थ

मति, स्मृति, संज्ञा, चिन्ता, अभिनिबोध — ये मतिज्ञान के ही नामान्तर हैं, क्योंकि ये पाँचों ही मति ज्ञानावरण कर्म के क्षयोपशम से उत्पन्न होते हैं।
Ref: TatvarthaSutra_KailashChand_Shastri_तत्वार्थसूत्र पंडित कैलाशचंद्र शास्त्री

English Meaning

Sensory cognition – mati, remembrance – smrti, recognition – samjñā, induction – cintā, and deduction – abhinibodha, are synonyms of sensory-knowledge (matijñāna).

Ref: Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain


flowchart LR
    A["मतिज्ञान के अन्य नाम"] --> B["मति<br>(इन्द्रिय और मन की सहायता)"] & C["स्मृति<br>(स्मरण)"] & D["संज्ञा<br>(जोड़रूप ज्ञान)"] & E["चिन्ता<br>(तर्क-व्याप्ति)"] & F["अभिनिवेश<br>(अनुमान)"]

    style A fill:#FF6D00
    style B fill:#FFE0B2
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Questions and Answers: शङ्का -समाधान

समाधान : मति, स्मृति, संज्ञा, चिन्ता और अभिनिबोध ये मतिज्ञान के नामांतर हैं। स्वसंवेदनज्ञान, इन्द्रियों से उत्पन्न ज्ञान, स्मरण, प्रत्यभिज्ञान, तर्क, स्वार्थानुमिति, बुद्धि और मेधा आदि जो ज्ञान हैं वे मतिज्ञान के भेद हैं।

Reference: Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji

उत्तर : ‘वह’ इस प्रकार से उल्लीखीत होने वाले और पहले अनुभव किये हुए पदार्थों को विषय करने वाले ज्ञान को स्मृति कहते हैं। ‘वह देवदत्त’ यहाँ पहले अनुभव किया हुआ ही देवदत्त ‘वह’ शब्द के द्वारा जाना जाता है। इसका यह ज्ञान ‘वह’ शब्द से उल्लीखीत होने वाला और अनुभूत पदार्थ को विषय करने वाला है। जिसका अनुभव नही किया उसमे यह ज्ञान नही होता। दृष्ट, श्रुत और अनुभूत अर्थ को विषय करने वाले ज्ञान से विशेषित जीव का नाम स्मृती है। पूर्व संस्कार की प्रकटता से ‘वह देवदत्त’ इस प्रकार के स्मरण का स्मृतिज्ञान कहते हैं। स्मरण को स्मृति कहते हैं। जिसके द्वारा स्मरण हो वह स्मृति है अथवा स्मरण मात्र स्मृति है। ‘वह’ इस तरह अतीत आकार अवभासिनी प्रतीति स्मृति है, ऐसा जानना चाहिए।
Reference: Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji



Creative Credits:
Shashank Shaha created this page on 16-Dec-2025.

Courtesy:
We are thankful to Sandesh Shah and Family -Pune (Uptech Engg) for sponsoring Tatvarthasutra Digitalization project



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