Social Icons
Background image: DJainWiki Background image: DJainWiki

Press ESC to close

Tattvartha Sutra – Chapter 7 – Sutra 37

Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – जीवितमरणाशंसा-मित्रानुराग-सुखानुबन्ध-निदानानि ॥३७॥सूत्रार्थ– जीविताशंसा, मरणाशंसा, मित्रानुराग, सुखानुबन्ध और निदान, ये सल्लेखना के पाँच अतिचार हैं ॥३७॥ भावार्थ अर्थ : जीविताशंसा (सल्लेखना करके जीने की…

Tattvartha Sutra – Chapter 7 – Sutra 36

Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – सचित्तनिक्षेपापिधान-परव्यपदेश-मात्सर्य – कालातित्रमाः ॥३६॥ सूत्रार्थ – सचित्तनिक्षेप, सचित्तापिधान, परव्यपदेश, मात्सर्य और कालातिक्रम – ये अतिथिसंविभाग व्रत के पाँच अतिचार हैं ।।३६।। भावार्थ अर्थ :…

Tattvartha Sutra – Chapter 7 – Sutra 35

Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – सचित्तसम्बन्धसंमिश्राभिषवदुः पक्वाहाराः ॥३५॥सूत्रार्थ – सचित्ताहार, संबंधाहार, सम्मिश्राहार, अभिषवाहार और दुष्पक्वाहार- ये उपभोगपरिभोगपरिमाण व्रत के पाँच अतिचार हैं ।।३५।। भावार्थ अर्थ : सचित आहार…

Tattvartha Sutra – Chapter 7 – Sutra 34

Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – अप्रत्यवेक्षिताप्रमार्जितोत्सर्गादान- संस्तरोपक्रमणानादर- स्मृत्यनुपस्थानानि ॥३४॥सूत्रार्थ – अप्रत्यवेक्षित-अप्रमार्जित भूमि में उत्सर्ग, अप्रत्यवेक्षित-अप्रमार्जित वस्तु का आदान, अप्रत्यवेक्षित-अप्रमार्जित संस्थर का उपक्रमण, अनादर और स्मृति का अनुपस्थान- ये…

Tattvartha Sutra – Chapter 7 – Sutra 33

Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – योगदुःप्रणिधानानादरस्मृत्यनुपस्थानानि ॥३३॥सूत्रार्थ – काययोगदुष्प्रणिधान, वचनयोगदुष्प्रणिधान, मनोयोगदुष्प्रणिधान, अनादर और स्मृति का अनुपस्थान- ये सामायिक व्रत के पाँच अतिचार हैं ।।३३।। भावार्थ अर्थ : काय…

Tattvartha Sutra – Chapter 7 – Sutra 32

Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – कन्दर्पकौत्कुच्यमौखर्याऽसमीक्ष्याधिकरणोपभोगपरिभोगानर्थक्यानि ॥ ३२॥सूत्रार्थ – कन्दर्प, कौत्कुच्य, मौर्ख्य, असमीक्ष्याधिकरण और उपभोगपरिभोगानर्थक्य – ये अनर्थदण्डविरति व्रत के पाँच अतिचार हैं ।।३२।।॥ भावार्थ अर्थ : कन्दर्प…

Tattvartha Sutra – Chapter 7 – Sutra 31

Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – आनयन-प्रेष्यप्रयोग-शब्द-रूपानुपात – पुद्गलक्षेपाः ॥ ३१ ॥सूत्रार्थ – आनयन, प्रेष्यप्रयोग, शब्दानुपात, रूपानुपात और पुद्गलक्षेप – ये देशविरति व्रत के पाँच अतिचार हैं ।।३१।। भावार्थ…

Tattvartha Sutra – Chapter 7 – Sutra 30

Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – ऊर्ध्वाधस्तिर्यग्व्यतिक्रम क्षेत्रवृद्धि – स्मृत्यन्तराधानानि ॥३०॥सूत्रार्थ – ऊर्ध्वव्यतिक्रम, अधोव्यतिक्रम, तिर्यग्व्यतिक्रम, क्षेत्रवृद्धि और स्मृत्यन्तराधान- ये दिग्विरति व्रत के पाँच अतिचार हैं।।३०।। भावार्थ अर्थ : ऊर्ध्वातिक्रम,…

Tattvartha Sutra – Chapter 7 – Sutra 29

Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – क्षेत्रवास्तुहिरण्यसुवर्णधनधान्यदासीदासकुप्य- प्रमाणातिक्रमाः ॥२९॥ सूत्रार्थ – क्षेत्र और वास्तु के प्रमाण का अतिक्रम, हिरण्य और सुवर्ण के प्रमाण का अतिक्रम, धन और धान्य के…