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Acharya Shri Umaswati
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Sutra
कालश्च ॥३९॥
Meaning
काल भी द्रव्य है, क्योंकि यह भी उत्पाद, व्यय, ध्रौव्य तथा गुण पर्यायों से सहित है॥३९॥

भावार्थ

यह काल द्रव्य रत्नों की राशि की तरह एक दूसरे से पृथक् रहते हुये लोकाकाश के समस्त प्रदेशों पर स्थित है। यह एक प्रदेशी और अमूर्तिक है। १- ‘च’ का अन्वय ‘द्रव्याणि’ सूत्र के साथ है। Reference:Tatvartha-Sutra-Pradeep-Bhaiya-Piyush-तत्वार्थसूत्र बा.ब्र.प्रदीप पियूष Link to book

English Meaning:

The time (kāla) also is a substance (dravya). Reference:Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain



Questions and Answers: शङ्का -समाधान

Answer यह कहना ठीक नहीं है क्योंकि ‘आकाश तक एक द्रव्य है’ इस सूत्रवचन के अनुसार यदि काल को आकाश के पहले रखते हैं तो उसे एक द्रव्यत्व (काल द्रव्य एक होगा ) प्राप्त होता है। ये सब दोष प्राप्त न हों इसलिए काल का अलग कथन किया है ।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्त्वार्थ-मंजूषा-खंड-2-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf

Answer यह कोई दोष नहीं है। धर्म, अधर्म और आकाश ये तीन अरूपी द्रव्य अस्तिकाय रूप हैं और काल अस्तिकाय रूप नहीं है क्योंकि वह एक प्रदेश रूप ही है । उसमें निश्चय प्रदेशों के अभाव को बताने के लिए उसको (काल द्रव्य को) पृथक् रूप कहा है।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्त्वार्थ-मंजूषा-खंड-2-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf



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Diksha Jain created this page on 13-feb-2026

Courtesy:
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