Table of Contents

Acharya Shri Umaswati
Read About Acharya Umaswami
here


Sutra
नृस्थिती परावरे त्रिपल्यो- पमान्तर्मुहूर्ते ॥ ३८ ॥
Meaning
(नृस्थिती) मनुष्यों की (पर) उत्कृष्ट आयु (त्रिपल्योपम) तीन पल्य और (अवरे) जघन्य आयु (अन्तर्मुहुर्ते) अन्तर्मुहूर्त की है॥ ३८ ॥

भावार्थ

 यहाँ उत्कृष्ट मनुष्यों की आयु उत्तम भोगभूमि की अपेक्षा तथा जघन्य आयु कर्मभूमि की अपेक्षा से है ऐसा जानना चाहिए। क्योंकि भोगभूमि में एक करोड़ से कम की आयु नहीं है। Reference:Tatvartha-Sutra-Pradeep-Bhaiya-Piyush-तत्वार्थसूत्र बा.ब्र.प्रदीप पियूष Link to book

English Meaning:

The maximum lifetime of the human beings is three palyopama and the minimum is antarmuhurta. Reference:Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain



Questions and Answers: शङ्का -समाधान

Answer  (उत्कृष्ट असंख्यातासंख्यात में एक मिलाने पर जघन्य परीतानंत प्राप्त होता है ।) जघन्य परीतानंत का पूर्वोक्त विधि से विरलन करके तीन बार वर्गित संवर्गित करने पर उत्कृष्ट परीतानंत से एक अधिक जघन्य युक्तानंत होता है। उसमें से एक कम करने पर उत्कृष्ट परीतानंत होता है, मध्य के अनेक विकल्प अजघन्योत्कृष्ट परीतानंत के हैं। (रा. वा. ५ )
जघन्य परीतानंत का विरलन कर और एक-एक अंक के प्रति जघन्य परीतानंत देय देकर परस्पर गुणा करने पर उत्कृष्ट परीतानंत का उल्लंघन कर जघन्य युक्तानंत प्राप्त होता है । इस जघन्य युक्तानंत में से एक अंक कम करने पर उत्कृष्ट परीतानंत होता है ।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji

Answer (उत्कृष्ट परीतानंत में एक मिलाने पर जघन्य युक्तानंत प्राप्त होता है ।) जघन्य युक्तानंत का विरलन करके प्रत्येक पर जघन्य युक्तानंत को रखें । पुनः उन्हें परस्पर वर्गित करने पर जो राशि निष्पन्न होती है वह उत्कृष्ट युक्तानंत से एक अधिक जघन्य अनंतानंत राशि है । उसमें से एक कम कर देने पर उत्कृष्ट युक्तानंत होता है।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji



Creative Credits:
Diksha Jain created this page on 8-feb-2026

Courtesy:
We are thankful to Sandesh Shah and Family -Pune (Uptech Engg) for sponsoring Tatvarthasutra Digitalization project



All Sutras Chapter2


    All Chapters