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Acharya Shri Umaswati
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Sutra
गंगासिन्धुरोहिद्रोहितास्याहरिद्धरिकान्तासीतासीतोदा- नारीनरकान्तासुवर्णरूप्यकूलारक्तारक्तोदाः सरितस्तन्मध्यगाः ॥२०॥
Meaning
(भरत में) गंगा, सिन्धु, ( हैमवत में ) रोहित, रोहितास्या, (हरिक्षेत्र में) हरित्, हरिकान्ता, (विदेह में) सीता, सीतोदा, ( रम्यक् में) नारी, नरकान्ता, (हैरण्यवत में) सुवर्णकूला, रूप्यकूला और (ऐरावत में) रक्ता, रक्तोदा, इस प्रकार ऊपर कहे हुए सात क्षेत्रों में चौदह नदियाँ बीच में बहती हैं।

भावार्थ

उन क्षेत्रों के बीच से बहने वाली गङ्गा-सिन्धु, रोहित – रोहितास्या, हरित् – हरिकान्ता, सीता-सीतोदा, नारी-नरकान्ता, सुवर्णकूला- रूप्यकूला और रक्ता – रक्तोदा नदियाँ हैं । Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji

English Meaning:

Gangā, Sindhu, Rohita, Rohitāsyā, Harit, Harikāntā, Sītā, Sītodā, Nārī, Narakāntā, Suvarnakūlā, Rūpyakūlā, Raktā, and Raktoda are the rivers flowing across these regions (Bharatavarsa and the rest). Reference:Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain



Questions and Answers: शङ्का -समाधान

Answer जिन नदियों के द्वारा क्षेत्रों का विभाजन होता है उन नदियों के नाम बताने के लिए यह सूत्र कहा गया है।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji

Answer भरत क्षेत्र के मध्य में गङ्गा – सिन्धु नदी, हैमवत क्षेत्र के मध्य में रोहित – रोहितास्या, हरिवर्ष क्षेत्र के मध्य में हरित् – हरिकान्ता, विदेह क्षेत्र के मध्य में सीता – सीतोदा, रम्यक क्षेत्र के मध्य में नारी-नरकान्ता, हैरण्यवत् क्षेत्र के मध्य में सुवर्णकूला – रूप्यकूला, ऐरावत क्षेत्र के मध्य में रक्ता और रक्तोदा नदियाँ बहती हैं ।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji



Creative Credits:
Diksha Jain created this page on 6-feb-2026

Courtesy:
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