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Acharya Shri Umaswati
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औदारिकवैक्रियिकाहारकतैजसकार्मणानि शरीराणि ।।३६।।
सूत्रार्थ- औदारिक, वैक्रियिक, आहारक, तैजस और कार्मणि – ये पाँच शरीर हैं ।।३६।।

भावार्थ

अर्थ- औदारिक, वैक्रियिक, आहारक, तैजस और कार्मणि ये पाँच शरीर हैं। स्थूल शरीर को औदारिक कहते हैं। जो एक, अनेक, सूक्ष्म, स्थूल, हल्का, भारी आदि किया जा सके उसे वैक्रियिक शरीर कहते हैं। छठे गुणस्थानवर्ती मुनी के द्वारा सूक्ष्म पदार्थ को जानने के लिए अथवा संयम की रक्षा के लिए, अन्य क्षेत्र में वर्तमान केवली या श्रुत केवली के पास भेजने को अथवा अन्य क्षेत्र के जिनालयो कि वंदना करने के उद्देश से जो शरीर राचा जाता है, उसे आहारक शरीर कहते हैं। औदारिक आदि शरीरों को कांती देने वाला शरीर तैजस कहलाता है और ज्ञानावरण आदि आठों कर्मों के समूह को कार्मणि शरीर कहते हैं।
Reference: Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji

English Meaning:

The gross – audārika, the transformable – vaikriyika, the projectable – āhāraka, the luminous – taijasa and the karmic – kārmana, are the five types of bodies (śarīra).
Reference: Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain


Questions and Answers: शङ्का -समाधान

समाधान: जो विशेष (शरीर) नामकर्म के उदय से प्राप्त होकर शीर्यन्ते अर्थात् गलते हैं, उन्हें शरीर कहते हैं। शरीर, शील, स्वभाव ये एकार्थवाची शब्द हैं। अनन्तानन्त पुद्गलों के समवाय का नाम शरीर है। शरीर शब्द का अर्थ स्वरूप है।
Reference: Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji

उत्तर: ऐसा नहीं कहना चाहिए क्योंकि नाम कर्म के निमित्तत्व का अभाव है। शरीर नामकर्म के उदय से शरीर होता है परन्तु घटादि में शरीर नामकर्म का उदय नहीं है इसलिए घटादि में शरीरत्व का प्रसंग नहीं है। यह भी नहीं कहना चाहिए कि नामकर्म के उदय से शरीर होता है तो “जो विशरणशील है वह शरीर है” ऐसा विग्रह नहीं बनता क्योंकि रूढि शब्द की व्युत्पत्ति में भी क्रिया देखी जाती है जैसे “गच्छतिति गोः” यह विग्रह रूढ शब्दों में भी किया जाता है उसी प्रकार “शीयन्ते इति शरीरं” इस शरीर शब्द को भी विग्रह समझना चाहिए।
Reference: Tatwarth-Manjusha-Khand-1-तत्वार्थ-मंजूषा-खंड-१-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji



Creative Credits:
Shashank Shaha created this page on – 6 February 2026.

Courtesy:
We are thankful to Sandesh Shah and Family -Pune (Uptech Engg) for sponsoring Tatvarthasutra Digitalization project



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