Tattvartha Sutra – Chapter 3 – Sutra 13
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – मणिविचित्रपार्श्वो उपरि मूले च तुल्यविस्ताराः ।।१३।। सूत्रार्थ– इनके पार्श्व मणियों से चित्र-विचित्र हैं तथा वे ऊपर, मध्य और मूल में समान विस्तारवाले हैं। भावार्थ…