Tattvartha Sutra – Chapter 10 – Sutra 8
Acharya Shri UmaswatiRead About Acharya Umaswamihere – धर्मास्तिकायाभावात् ॥८॥सूत्रार्थ– धर्मास्तिकाय का अभाव होने से मुक्त जीव लोकान्त से और ऊपर नहीं जाता ॥८॥ भावार्थ अर्थ: गतिरूप उपकार करने वाला धर्मास्तिकाय द्रव्य…