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Acharya Shri Umaswati
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Sutra
नाणोः ॥११॥
Meaning
[ अणोः ] पुद्गल परमाणु के [न] दो इत्यादि प्रदेश नहीं हैं, अर्थात् वह एक प्रदेशी है।

भावार्थ

 परमाणु के प्रदेश नहीं होते, क्योंकि परमाणु एक प्रदेशी ही है। जैसे आकाश के एक प्रदेश के और विभाग न हो सकने से वह अप्रदेशी है वैसे ही परमाणु भी एक प्रदेशी ही है। अतः उसके दो तीन आदि प्रदेश नहीं होते। तथा पुद्गल के सबसे छोटे अंश को जिसका दूसरा विभाग नहीं हो सकता, परमाणु कहते हैं । अतः परमाणु से छोटा यदि कोई द्रव्य होता है तो उसके प्रदेश हो सकते थे किंतु उससे छोटा कोई द्रव्य है नहीं। इससे परमाणु एक प्रदेशी ही है ।Reference:TatvarthaSutra_KailashChand_Shastri_तत्वार्थसूत्र पंडित कैलाशचंद्र शास्त्री

English Meaning:

There are no space-points (pradeśa) in the indivisible atom (paramānu). Reference:Tatvartha-Sutra-तत्वार्थ-सूत्र-Vijay-K-Jain


द्रव्यों के प्रदेश
जीवपुद्गलधर्मअधर्मआकाशकाल
असंख्यात
(एक जीव)
* अणु अवस्था – एक

* स्कंध अवस्था
– संख्यात
– असंख्यात
– अनंत
असंख्यातअसंख्यातअनंतएक

प्रदेश = आकाश के जितने हिस्से को एक पुद्गल परमाणु रोके।


Questions and Answers: शङ्का -समाधान

Answer ‘पुद्गलों के’ ऐसा अविशेष वचन होने से परमाणु के भी प्रदेशत्व का प्रसङ्ग होने पर, उसका निषेध करने के लिए यह सूत्र कहा है।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्त्वार्थ-मंजूषा-खंड-2-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf

Answer अणु प्रदेश मात्र है जैसे आकाश का एक प्रदेश अन्य प्रदेश रूप न होने से अप्रदेशी है, उसी प्रकार परमाणु के भी प्रदेशमात्र होने से अन्य प्रदेश नहीं हैं। परमाणु से छोटी कोई वस्तु ही नहीं है जिससे परमाणु के प्रदेशों का भेद किया जावे। अतः स्वयं में आदि अन्त परिमाण वाला होने से परमाणु अप्रदेशी है।
Reference:Tatwarth-Manjusha-Khand-2-तत्त्वार्थ-मंजूषा-खंड-2-Aryika-Shri-Vigyanmati-Mataji.pdf



Creative Credits:
Diksha Jain created this page on 12-feb-2026

Courtesy:
We are thankful to Sandesh Shah and Family -Pune (Uptech Engg) for sponsoring Tatvarthasutra Digitalization project



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